डिजिटल दौर में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी मुद्दा नहीं, बल्कि समाज की सोच और व्यवहार का हिस्सा बननी चाहिए। यह बात महाराष्ट्र सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क महानिदेशालय के प्रधान सचिव और महानिदेशक Brijesh Singh ने ‘डिमिस्टिफाइंग साइबर सिक्योरिटी’ पुस्तक के लोकार्पण समारोह में कही। यह पुस्तक साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ Dr. Durga Prasad Dubey द्वारा लिखी गई है।

कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि डेटा सुरक्षा, व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा और डिजिटल स्वतंत्रता के लिए साइबर सुरक्षा आज बेहद जरूरी हो गई है। उन्होंने लोगों को लेखन के लिए भी प्रेरित करते हुए कहा कि AI के दौर में इंसानों के लिए अपने विचारों को लिखित रूप में दर्ज करना पहले से अधिक महत्वपूर्ण है। वहीं, NSE के एमडी और सीईओ Ashishkumar Chauhan ने कहा कि आज हर व्यक्ति का मोबाइल फोन एक नई डिजिटल सीमा बन चुका है और यही सबसे बड़ी साइबर सुरक्षा चुनौतियों में से एक है।

