लद्दाख के चुमुर गांव में भारत-चीन सीमा के पास पहले मॉडल बॉर्डर विलेज की आधारशिला रखी गई है। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत विकसित होने वाला यह गांव 16,700 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और यहां वर्तमान में 24 परिवार निवास करते हैं। परियोजना का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाना है। योजना के तहत प्रत्येक परिवार को सोलर तकनीक से युक्त आधुनिक आवास, शौचालय, होमस्टे के लिए अतिरिक्त कमरा,

पशुपालन सुविधाएं और किचन गार्डन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही गांव में स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन, कैफे और पर्यटन केंद्र भी विकसित किए जाएंगे। चुमुर को कोरजोक-हनले पर्यटन सर्किट से जोड़कर पर्यटन और पश्मीना उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा। सौर ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी और सालभर जल आपूर्ति जैसी सुविधाओं से यह गांव भविष्य में देश के अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकता है।

