बकरीद के मौके पर आगरा से एक अनोखी और सकारात्मक पहल सामने आई है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। शाहगंज क्षेत्र के तिरंगा मंजिल शेरवानी मार्ग पर रहने वाले एडवोकेट गुल चमन शेरवानी और उनके परिवार ने इस बार बकरीद पर बकरे की तस्वीर वाला केक काटकर प्रेम, भाईचारे और जीव हत्या रोकने का संदेश दिया। परिवार की इस पहल को हिंदू और मुस्लिम

दोनों समुदायों के लोगों ने सराहा है। सोशल मीडिया पर भी लोग इसे सामाजिक सौहार्द और इंसानियत की मिसाल बता रहे हैं। एडवोकेट गुल चमन शेरवानी का कहना है कि कुर्बानी का असली मतलब सिर्फ जानवर की कुर्बानी देना नहीं, बल्कि इंसान के अंदर मौजूद लालच, नफरत, अहंकार और बुरी सोच को खत्म करना है। उन्होंने कहा कि अल्लाह को इंसान की सच्ची नियत पसंद होती है, दिखावा नहीं। उनके इस संदेश को लोग भाईचारे और इंसानियत की नई मिसाल के तौर पर देख रहे हैं।
