Saharanpur के न्नौता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इंसानियत और डॉक्टरों की जिम्मेदारी की मिसाल देखने को मिली। यहां डॉक्टर रूमा ने अपनी सूझबूझ और साहस से एक नवजात शिशु की जान बचा ली। जानकारी के मुताबिक जन्म के बाद बच्चा पूरी तरह बेजान पड़ा था और उसमें सांस के कोई संकेत नहीं मिल रहे थे। स्थिति गंभीर होते देख डॉक्टर रूमा ने तुरंत नवजात को CPR देना शुरू

किया। लगातार कोशिशों के बाद बच्चे ने फिर से सांस लेना शुरू कर दिया। अपने बच्चे को दोबारा जीवित देख मां आयशा की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। अस्पताल में मौजूद लोग भी डॉक्टर की इस कोशिश की सराहना करते नजर आए। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि समय पर इलाज और डॉक्टरों की तत्परता किसी की भी जिंदगी बचा सकती है।

