हजारीबाग सिविल कोर्ट में शनिवार को मामलों के त्वरित निष्पादन व पक्षकारों की सुविधा के लिए एक नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया था। इस नेशनल लोक अदालत में सुलह के आधार पर कुल 57 हजार 326 मामलों का निष्पादन किया गया। जिसमें कुल 36 करोड़ 72 लाख 66 हजार 062 रुपए की राशि पर सहमति बनी। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में आयोजित इस नेशनल लोक अदालत का नेतृत्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुव चन्द्र मिश्रा कर रहे थे। इस मौके पर कुटुंब न्यायाधीश अनुज कुमार, श्रम न्यायाधीश दिनेश राय के साथ-साथ सभी न्यायिक पदाधिकारी, वकील, संबंधित विभाग के पदाधिकारी और पक्षकार भी मौजूद थे। नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ पूरे झारखंड में एक साथ आनलाइन माध्यम से दीप प्रज्ज्वलित कर झारखंड उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश श्री सुजीत नारायण प्रसाद के द्वारा किया गया। इस मौके पर झारखंड राज्य के सभी जिलों के जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पदाधिकारी और न्यायिक पदाधिकारी जुड़े हुए थे। इस नेशनल लोक अदालत में हजारीबाग जिला के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुव चन्द्र मिश्रा ने मोटर वाहन दुर्घटना अधिनियम के तहत दावाकर्ताओं को दावा की राशि का चेक भी वितरित किया। इस मौके पर झारखंड उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश और झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार के पदाधिकारी आनलाइन माध्यम से जुड़े हुए थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार

पक्षकारों की सुविधाओं के लिए सिविल कोर्ट परिसर में 10 बेंचों का गठन मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए किया गया था। इसके साथ ही पक्षकारों की सुविधाओं के लिए कई पूछताछ के काउंटर भी बनाए गए थे। इस नेशनल लोक अदालत में सुलहनीय आपराधिक 732 मामले, चेक बाउंस के 148 मामले, बैंक रिकवरी के 593 मामले, मोटर वाहन दुर्घटना दावा से संबंधित 8 मामले, ट्रैफिक चालन आदि से संबंधित 3,195 मामले, श्रम विवाद से संबंधित 04 मामले, भू-अर्जन के 349 मामले, वित से संबंधित 20,615 मामले, बिजली के 439 मामले, , पानी बिल से संबंधित 149 मामले, टेलीफोन बिल से संबंधित 21 मामले, स्थायी लोक अदालत के 638 मामले, वैवाहिक विवाद से संबंधित 19 मामले, पारिवारिक मामलों में प्री-लिटिगेशन के 81 मामले, वाणिज्य से संबंधित प्री-लिटिगेशन के 11 मामले, उपभोक्ता विवाद से संबंधित 1 मामला, सिविल प्रकृति के 23 मामले जबकि अन्य 30 हजार 300 मामलों का निपटारा पक्षकारों की आपसी सहमति से किया गया। यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव डॉ रवि प्रकाश तिवारी ने दी। उन्होंने बताया कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुव चन्द्र मिश्रा के दिशा निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार लगातार लोगों की सुविधाओं के लिए काम कर रहा है। और इस तरह के कार्यक्रम हमेशा लगाए जाते रहेंगे। उन्होंने इस लोक अदालत में शामिल सभी न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, कोर्ट कर्मचारियों और पक्षकारों को प्रति अपना आभार जताया है।
