झारखंड के हजारीबाग से किसानों की परेशानी की एक बड़ी खबर सामने आई है। टाटीझरिया के किसानों ने जिला उपायुक्त कार्यालय में आवेदन देकर अपनी समस्या रखी है। किसानों का कहना है कि उन्होंने जनवरी 2026 में एफपीओ के माध्यम से धान बेचा था, लेकिन 3 महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी उन्हें भुगतान नहीं मिला है। किसानों के अनुसार, उनका बायोमैट्रिक नहीं किया गया और न ही सरकार के पोर्टल पर उनकी एंट्री की गई, जिससे उनका पैसा अटका हुआ है। आरोप यह भी है कि एफपीओ प्रबंधन ने बिचौलियों का धान खरीदकर ऑनलाइन दर्ज कर दिया, जबकि

असली किसानों का धान अभी तक सिस्टम में नहीं डाला गया। किसानों का कहना है कि उनके सामने ही धान को ट्रकों में लोड कर राइस मिल भेजा गया, फिर भी भुगतान की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। अब किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर जल्द से जल्द उनका बकाया भुगतान कराया जाए। फिलहाल, सभी की नजर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।

