हजारीबाग। हजारीबाग शहर के सर्किट हाउस के नजदीक स्वतंत्रता सेनानी बाबू वीर कुंवर सिंह का विजयोत्सव पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित कर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया और उनके 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए बलिदान को याद किया गया। इस समारोह में जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया। सबों ने बारी बारी से बाबू साहब के चित्र और प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनका गुणगान किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि बाबू साहब की कुर्बानी सदियों तक याद रखी जाएगी। हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि बाबू कुंवर सिंह देश के लिए अपने प्राणों को न्योक्षावर किया था। उनकी देश के लिए दी गई कुर्बानी शदियों तक याद रखी जाएगी। बाबू साहब विरता, साहस और स्वाभिमान के प्रतीक थे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सह पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने कहा कि बाबू कुंवर सिंह प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सिपाही और महानायक थे।

साथ ही कहा कि हौसला उम्र नहीं देखती हैं इसके अप्रतिम उदाहरण बाबू कुंवर सिंह थे। समाजसेवी बटेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। प्रो सुनील सिंह ने कहा कि ऐसे योद्धा को कभी भुलाया नहीं जा सकता। समाजसेवी शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि उन्होंने 80 के उम्र में भी अंग्रेजों के छक्के छुड़ाए थे। मौके पर मुख्य रूप से दहेज उन्मूलन सह उत्थान सवर्ण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीडी सिंह, बिनोद सिंह, भगवान सिंह, शत्रुघ्न सिंह, अर्जुन सिंह, संजय सिंह, मंगल सिंह, पंकज सिंह, दीपक सिंह, डॉ मिथलेश कुमार, अनूप सिंहा, बिनोद सिंह, जितनाथ सिंह, नथु प्रसाद सिंह, संजय सिंहा, आरडी सिंह, मनोज कुमार सरोज, भोला सिंह, आशीष सिंह, बबलू सिंह, रंजन चौधरी, मनोज सिंह, अमित सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

