केरेडारी प्रखण्ड मुख्यालय से 25 किलोमीटर की दूरी पर कोती नदी अवस्थित है।यह नदी केरेडारी एवं बड़कागांव प्रखण्ड के बॉर्डर है,इस नदी में सालोभर पानी बहता रहता है,यह नदी बरसात में अभिशाप एवं अन्य मौसम में बरदान साबित होता है,चुकी नदी में पर्याप्त पानी रहने से किसान सालोभर फसल उगाते है।इस नदी से मुख्य रूप से केरेडारी के बुंडू पंचायत अंतर्गत खपिया गांव के 1480,बटुका गांव के 1512 एवं बड़कागांव प्रखण्ड अंतर्गत अंगों पंचायत के फ़टरियापानी टोला के 497 लोग प्रभावित होते है।चुकी फटरियापानी टोले से 20 से 25 बच्चे बटुका गांव के संत जेवियर स्कूल पढ़ने आते हैं।इन बच्चों को बरसात में आने जाने में काफी परेशानी होती है,बरसात में नदी में बाढ़ आने के कारण बच्चे कभी कभी विद्यालय में ही ठहर जाते है।साथ ही बरसात के दिनों में केरेडारी के बुंडू पंचायत एवं बड़कागांव हजारीबाग का भी सम्पर्क टूट जाता है।इस सम्पर्क

को बनाये रखने के लिए बुंडू पंचायत के लोग लकड़ी का पुल बना रहे है,इस पुल को बनने से दोनों प्रखण्ड के लोगो का सम्पर्क बना रहेगा। क्या कहते है खपिया गांव के लोग।—खपिया गांव के मनोज रविदास,नारायण रविदास,परमेश्वर महतो,तालकेश्वर महतो,दिलीप महतो,अशोक महतो,जगदेव महतो समेत अन्य लोगो ने बताया कि नदी में लकड़ी के पुल बनने के बाद मोटरसाइकिल से एवं पैदल आवाजाही करने में परेशानी नही होगी।इस बाबत बुंडू पंचायत के पंसस मुनिता देवी ने बताया कि गत फरवरी माह में हजारीबाग विशेष प्रमंडल से एसडीओ एवं कनीय अभियंता कोती नदी पहुँचे थे,उक्त लोगो ने बताया कि इस नदी में उच्च स्तरीय पुल बनाने के लिए डीपीआर एवं प्राकलन अतिशीघ्र तैयार किया जाएगा।
