गुजरात के गांधीनगर में नरेंद्र मोदी ने कोबा तीर्थ स्थित महावीर जैन आराधना केंद्र परिसर में सम्राट संप्रति संग्रहालय का भव्य उद्घाटन किया। यह संग्रहालय जैन धर्म की समृद्ध परंपरा, इतिहास और आध्यात्मिक विरासत को दर्शाने वाला एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जा रहा है। सम्राट संप्रति, सम्राट अशोक के पोते थे और जैन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं। उनके जीवन और कार्यों को इस संग्रहालय में आधुनिक तकनीक और आकर्षक प्रदर्शन के माध्यम से

प्रस्तुत किया गया है, जिससे नई पीढ़ी को भी उनकी विरासत से जोड़ने का प्रयास किया गया है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भगवान महावीर के विचार आज भी मानवता को दिशा देते हैं और उनका संदेश पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक है। उन्होंने संग्रहालय को सांस्कृतिक धरोहर और आध्यात्मिक प्रेरणा का केंद्र बताया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग मौजूद रहे। यह संग्रहालय न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी अहम साबित होगा और देश-विदेश से आने वाले लोगों को आकर्षित करेगा।

