हजारीबाग में 21 मार्च को झारखंड का प्रमुख जनजातीय प्रकृति पर्व सरहुल हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पुलिस केंद्र स्थित सरना स्थल पर उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में पारंपरिक पूजा-अर्चना की गई। पाहन द्वारा सखुआ (साल) के फूलों की पूजा कर प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

इस दौरान मांदर की थाप और पारंपरिक वेशभूषा में निकली शोभायात्राओं ने माहौल को पूरी तरह उत्सवमय बना दिया। उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने भी पारंपरिक अंदाज में ढोल-नगाड़े बजाकर उत्सव में भाग लिया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण भी किया गया। सरहुल पर्व प्रकृति और मानव के संबंध को दर्शाता है, जिसे पूरे क्षेत्र में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया।

