Hemant Soren के एक बयान ने सियासी बहस को तेज कर दिया है। सदन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत में सरस्वती पूजा, लक्ष्मी पूजा और विश्वकर्मा पूजा बड़े पैमाने पर होती है, लेकिन इसके बावजूद प्रतिभाशाली और काबिल लोग विदेशों में क्यों नजर आते हैं। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि देश में पूजा-पाठ पर जोर है, लेकिन शिक्षा और कौशल विकास पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि

“यहां पूजा ज्यादा होती है, लेकिन ब्रिलिएंट बच्चे जापान में, अमीर लोग अमेरिका में और टैलेंट चीन में दिखता है।” इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्ष ने इसे आस्था पर चोट बताया है, जबकि समर्थक इसे शिक्षा और विकास पर ध्यान देने की जरूरत से जोड़ रहे हैं। अब यह मुद्दा राज्य की राजनीति में बड़ा विवाद बनता जा रहा है।
