अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पखवाड़ा में विनोबा भावे विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति स्वर्गीय विनोदीनि तर्वे को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मौके पर इस अवसर पर स्नातकोत्तर जन्तुविज्ञान विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण व पुष्पार्चण किया गया। मौके पर विभागाध्यक्ष डॉ किशोर कुमार गुप्ता ने बताया कि पूरे झारखण्ड और बिहार में उन्हें प्रथम महिला कुलपति होने का गौरव प्राप्त है। एक बंजर पड़ा भूमि पर उन्होंने विश्वविद्यालय जैसे ज्ञान के वृक्ष का बीजारोपण किया। विश्वविद्यालय को स्थापित करने में उनके कर्मठ, निष्ठा और समर्पण की कहानी आज भी लोगों को प्रेरित करती है। विभाग प्रत्येक वर्ष महिला दिवस पखवाड़े में पूरे विश्वविद्यालय परिवार की ओर से इस विदुषी महिला के प्रति अपनी कृतज्ञता अर्पित करता रहा है।

स्नातकोत्तर तृत्तीय वर्ष की विद्यार्थी अर्पिता सोनी ने डॉ विनोदिनी तर्व के जीवन एवं कार्य को एक आकर्षक पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से बताया। डा के के गुप्ता ने कहा कि भारत में महिलाओं का स्थान अनादि काल से सर्वोपरि है। उन्होंने मनुस्मृति की चर्चा करते हुए बताया कि इसमें लिखा गया है “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः।” वही डा राजेन्द्र मिस्त्री ने कहा कि मुगल काल को छोड़कर भारत में महिलाओं को हमेशा सम्मान मिला है। पुरूष प्रधान समाज होने के बावजूद स्त्रियों के साथ भेदभाव नहीं होता था। विभागीय प्राध्यापक डा मनोज कुमार ने कहा कि पाश्चात्य सभ्यता व संस्कृति से प्रभावित आधुनिक समाज में महिला को स्वयं हर दृष्टि से सबल व सुरक्षित रहना होगा। मौके पर शोध छात्र व दोनो सत्र के विद्यार्थी उपस्थित थे।

