हजारीबाग: जिले में हाल के दिनों में हुई हत्या और चोरी की तीन अलग-अलग घटनाओं का हजारीबाग पुलिस ने खुलासा करते हुए कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इन मामलों में प्रयुक्त वाहन और हथियार भी बरामद किए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। पहला मामला बड़कागांव थाना क्षेत्र के नापोखुर्द गांव का है, जहां 5 मार्च को स्कॉर्पियो वाहन से लोगों को कुचलने की घटना सामने आई थी। इस घटना में रोहित कुमार और प्रदीप कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस जांच में सामने आया कि ईंट-बालू के कारोबार को लेकर दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में विकास कुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर स्कॉर्पियो से लोगों को कुचल दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे, लेकिन पुलिस की विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन, मोबाइल और लोहे के हथियार भी बरामद किए हैं। दूसरा मामला बड़कागांव के सिकरी ओपी क्षेत्र का है, जहां तुलसी

महतो की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को तालाब किनारे फेंक दिया गया था। पुलिस जांच में पता चला कि यह हत्या जमीन विवाद और आपसी रंजिश के कारण की गई थी। आरोपियों ने पहले तुलसी महतो को बहाने से बुलाया और शराब पिलाने के बाद रास्ते में लोहे के धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने सुरेंद्र महतो, मीना महतो और बासुदेव महतो को गिरफ्तार किया है। वहीं तीसरा मामला चौपारण थाना क्षेत्र का है, जहां एक टोटो/टेम्पो चोरी की घटना सामने आई थी। बरसोतीया निवासी सुरेंद्र यादव का टेम्पो रात के समय चोरी हो गया था। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर चोरी का खुलासा कर दिया। पुलिस ने चोरी किया गया टेम्पो रांची के ओरमांझी क्षेत्र से बरामद किया और इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अपराध करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

