हजारीबाग में DMFT बैठक संपन्न, विकास योजनाओं को मंजूरी |

हजारीबाग में DMFT बैठक संपन्न, विकास योजनाओं को मंजूरी |

हजारीबाग में नया समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट डीएमएफटी की न्यास परिषद की उच्चस्तरीय बैठक में जिले के सर्वांगीण विकास और खनन प्रभावित क्षेत्रों के उत्थान को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी कई योजनाओं को हरी झंडी दी गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला प्रशासन बड़कागांव के ढेंगा में एक अत्याधुनिक विद्यालय का संचालन करेगा। साथ ही जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में आधुनिक पुस्तकालयों का निर्माण कराया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से डाडी प्रखंड में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण और मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ‘कैथ लैब’ की स्थापना पर सहमति बनी। तकनीक का लाभ जनता तक पहुँचाने के लिए हेल्थ एटीएम की स्थापना और मोबाइल विजन नेटवर्क वैन का संचालन पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया जाएगा । बैठक में बतौर सदस्य हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल शामिल हुए और सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली और संसाधनों के दुरुपयोग पर बैठक में गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। जिसमें कड़े शब्दों में कहा कि स्वास्थ्य विभाग में उपकरणों और मैनपावर की तैनाती से पहले उनका पूर्ण असेसमेंट अनिवार्य है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में पड़ी अनुपयोगी सेपरेशन मशीन और एम्बुलेंसों का उदाहरण देते हुए कहा कि संसाधनों की खरीद तो होती है, लेकिन उनकी उपयोगिता शून्य रहती है।

उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के लिए DMFT मद से एक अलग और पारदर्शी व्यवस्था खड़ी करने की वकालत की। दिव्यांगता के प्रतिशत की जटिलता को दरकिनार कर पैरों से दिव्यांग सभी व्यक्तियों को बैटरी युक्त ट्राइसिकल देने और सरकारी स्कूलों में अनिवार्य रूप से बाउंड्री वॉल बनाने का सुझाव दिया। किराए के भवनों में चल रहे जिले के करीब 500 आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने और रेलीगढ़ा से नया मोड़ तक की जर्जर सड़क को सीसीएल के सहयोग से दुरुस्त करने की बात कही। क्षेत्र में हाथियों के बढ़ते प्रकोप पर सांसद ने जिला प्रशासन को आईना दिखाते हुए कहा कि जंगलों में हो रहे अवैध खनन और ब्लास्टिंग के कारण हाथियों का मानसिक संतुलन बिगड़ रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि जंगलों का हेलीकॉप्टर सर्वे कराकर अवैध कोल माइनिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। हाथी प्रभावित क्षेत्रों के कच्चा मकानों को प्राथमिकता के आधार पर पक्का बनाया जाए और वहां ‘मल्टीपर्पस हॉल’ का निर्माण हो। सिर्फ मुआवजा देने के बजाय प्रभावित क्षेत्र के लोगों का बीमा (इंश्योरेंस) कराया जाए। सांसद ने हजारीबाग की जीवनरेखा झील के कंक्रीटीकरण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की और इसे बचाने के लिए नागरिकों के साथ संवाद को जरूरी बताया। उन्होंने कनहरी बायो-डायवर्सिटी पार्क को आमजन के लिए निःशुल्क करने, झील के एम्फीथिएटर में गतिविधियां शुरू करने और जिले के प्रमुख चौराहों (चौपारण, झंडा चौक, बड़कागांव, विष्णुगढ़, बरही) पर मॉडल शौचालय बनाने का प्रस्ताव दिया। साथ ही, बरही में पेयजल संकट को देखते हुए सभी योजनाओं को मार्च से पूर्व धरातल पर उतारने का निर्देश दिया। बैठक में विशेषरूप से बरही विधायक श्री मनोज कुमार यादव, बरकट्ठा विधायक श्री अमित कुमार यादव, सदर विधायक श्री प्रदीप प्रसाद, बड़कागांव विधायक श्री रोशन लाल चौधरी, मांडू विधायक श्री निर्मल महतो उर्फ़ तिवारी महतो हजारीबाग उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह, हजारीबाग एसपी श्री अंजनी अंजन, डीडीसी रिया सिंह सहित जिले के विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारी और जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहें ।

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