गुजरात सरकार ने गुजरात मैरिज रजिस्ट्रेशन एक्ट 2006 में बदलाव का प्रस्ताव दिया है। नए नियम के तहत अब शादी रजिस्ट्रेशन के दौरान कपल्स को यह बताना होगा कि उन्होंने अपनी शादी के बारे में अपने पेरेंट्स को बताया है या नहीं। इसका मतलब यह है कि शादी का सर्टिफिकेट लेने के लिए अब सिर्फ दूल्हा-दुल्हन की मर्जी पर्याप्त नहीं होगी; इस प्रक्रिया में परिवार को कानूनी रूप से शामिल करना अनिवार्य होगा। सरकार का

कहना है कि इससे परिवारों के बीच होने वाले विवाद और धोखाधड़ी की घटनाओं पर रोक लगेगी। हालांकि, सवाल उठता है कि क्या बालिग युवाओं के निजी फैसलों में सरकार या परिवार का दखल देना उचित है।

