
दरभंगा में जब चिराग पासवान अस्पताल पहुंचकर पीड़ित बच्ची से मिलने गए, तो बच्ची ने आहत भाव में अपनी पीड़ा जताई। उसने कहा, “जबरदस्ती पापा को भी मारा है, सब घर तोड़ दिया, सब लूट लिया है सर। खाने-पीने का सब लूट लिया है, हमारे घर बहुत कुछ था।” बच्ची के शब्द परिवार पर हुए विनाश और लूटपाट की गंभीरता को दर्शाते हैं। चिराग पासवान ने बच्ची और उसके परिवार से मुलाकात कर स्थिति को समझने और राहत देने की कोशिश की। यह घटना दरभंगा में हुई घटना की गंभीरता को उजागर करती है और पीड़ितों की मदद की आवश्यकता को सामने लाती है। सरकार और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता और सुरक्षा मुहैया कराएँ।

