प्रोजेक्ट जागृति बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम के अंतर्गत प्रोजेक्ट प्राण के तत्वावधान में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम सह पंचायत दिवस का आयोजन जिले के सभी पंचायतों में किया गया। उपायुक्त मनीष कुमार ने महेशपुर प्रखंड अंतर्गत बाबूदाहा पंचायत का निरीक्षण किया।उपायुक्त ने स्वयं फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर लोगों को इसके प्रति जागरूक किया तथा उपस्थित नागरिकों को फाइलेरिया मुक्त जिले की शपथ दिलाई।उपायुक्त ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि स्वयं दवा का सेवन करें तथा अपने परिवार को भी दवा अवश्य खिलाएं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में दवा सेवन से सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं और यदि इस वर्ष भी सभी लोग नियमित रूप से दवा का सेवन करेंगे तो भविष्य में इस बीमारी से स्थायी मुक्ति संभव हो सकेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दवा सेवन स्वैच्छिक है, परंतु यह प्रत्येक व्यक्ति, परिवार और समाज के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। उपायुक्त ने कहा कि जिस प्रकार टीकाकरण के माध्यम से अनेक बीमारियों पर नियंत्रण पाया गया है,उसी प्रकार सामूहिक दवा सेवन से फाइलेरिया जैसी बीमारी को भी समाप्त किया जा सकता है।

उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों एवं आमजन से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि जिले की कई पंचायतें विभिन्न मानकों पर उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं और राष्ट्रीय स्तर पर चयनित होने की दिशा में अग्रसर हैं, जो जिले के लिए गौरव की बात है। इसके लिए स्वच्छता, स्वास्थ्य, टीकाकरण, कचरा प्रबंधन एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। सिविल सर्जन डॉ. सुरेन्द्र कुमार मिश्रा ने कहा कि जिले के प्रत्येक पंचायत में अभियान चलाकर लोगों को दवा खिलाई जा रही है। जब तक प्रत्येक व्यक्ति दवा का सेवन नहीं करेगा, तब तक इस बीमारी को पूरी तरह समाप्त करना संभव नहीं है, क्योंकि मच्छरों के माध्यम से यह संक्रमण फैलता है।उन्होंने बताया कि यह दवा एक वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी के लिए लाभकारी है।

