
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने काले शॉल ओढ़कर चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचकर SIR के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। इस दौरान ममता बनर्जी के साथ प्रभावित परिवारों के सदस्य भी मौजूद रहे। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि SIR के जरिए आम लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इससे गरीब व वंचित वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। चुनाव आयोग के बाहर ममता बनर्जी ने साफ कहा कि उनकी लड़ाई जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए है और वह किसी भी कीमत पर लोकतंत्र से समझौता नहीं करेंगी। इस प्रदर्शन के जरिए ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग दोनों को कड़ा राजनीतिक संदेश दिया है।

