समाजवादी पार्टी के सांसदों ने संसद भवन के मकर द्वार पर धरना देकर विरोध जताया। उनका विरोध मणिकर्णिका घाट और माता अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को क्षतिग्रस्त किए जाने के खिलाफ है। सपा सांसदों का कहना है कि मामला सिर्फ तोड़फोड़ का नहीं, बल्कि काशी की सांस्कृतिक विरासत,

सनातन आस्था और ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा का है। घाट और मूर्तियों को बुलडोज़र से नुकसान पहुँचाना करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का अपमान है। सपा सांसदों ने सरकार से जवाबदेही और संवेदनशील विरासत की रक्षा की मांग की। उनका संदेश है—“काशी कोई प्रयोगशाला नहीं है, धर्म को धंधा और विरासत को मलबा नहीं बनने देंगे।

