खबर बिहार के कैमूर से है जहां कई दिनों से चल रहा कैमूर के अधौरा पहाड़ी पर टाइगर रिजर्व बनाने की बात अब जल्द ही सच होने वाली है,जिसकी मंजूरी इस बार 2026 में मिल जाएगी,जिसके बाद कैमूर और रोहतास में पड़ने वाले पहाड़ी पर टाइगर रिजर्व बनाया जायेगा,इसकी जानकारी डीएफओ संजीव रंजन ने दी है। जिसपर जानकारी देते हुए कैमूर डीएफओ संजीव रंजन ने बताया कि बिहार के कैमूर और रोहतास जिला में पड़ने वाले जंगल के पहाड़ियों के अश्विनी क्षेत्र में टाइगर रिजर्व घोषित कराने को लेकर भारत सरकार को प्रताव भेजा गया था,लेकिन कुछ तकनीकी कारणों के वजह से यह प्रस्ताव पारित नहीं हो रहा था,लेकिन अब किसी भी तरह की कोई त्रुटियां नहीं रह गया है,जिसको देखते हुए लगता है कि अब टाइगर रिजर्व बनाने को लेकर सरकार की मंजूरी इस साल तक हो जाएगी,और कैमूर जिला का अधौरा पहाड़ी का हिस्सा टाइगर रिजर्व घोषित किया जाएगा। इसके साथ ही पहाड़ी अगर टाइगर रिजर्व घोषित हो जाता है तो दो तरह की जिम्मेदारियों वन विभाग की टीम को निभाना अनिवार्य हो जाएगा। जिसमें एक तो जानवरों को खाना खिलाना और पानी का व्यवस्था करना, इसको लेकर उस तरह की व्यवस्था किया जाएगा,दूसरा जानवरों का प्रोटेक्शन होगा,ताकि कोई हमारे जानवरों का शिकार नहीं कर सकें,इसको लेकर अभी 4 महीनों से लगातार वन विभाग की टीम के

द्वारा रात्रि में जंगलों में गस्ती की जा रही है, और चेक पोस्टों पर भी जांच किया जा रहा है,ताकि हमारे जंगल में कोई गलत व्यक्ति प्रवेश नहीं कर सके,वन विभाग की पुलिस लगातार इसको लेकर काम कर रही है,ताकि जानवरों की सुरक्षा में कोई चूंक ना हो सके। डीएफओ ने कहा कि जो भी गांव टाइगर रिजर्व के पास बसा हुआ है, वहां के लोगों को कोर एरिया से दूर रखा जाएगा,कैमूर में टाइगर रिजर्व बनने से वहां आस पास के लोगों को व्यवसाय का सुनहरा मौका मिलेगा, क्योंकि टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद वहां टूरिज्म भी बनाया जाएगा, जिसे देखने के लिए कई जगहों से लोग आयेंगे,जहां बसे हुए लोगों को व्यवसाय का एक सुनहरा मौका मिल जाएगा, डीएफओ ने कहा कि जंगल में बसे किसी भी ग्रामीणों का जमीन नहीं लिया जाएगा जो जहां बसा है वह वहीं रहेंगे, और जो लोग इस तरह की अफवाह फैला रहे हैं कि टाइगर रिजर्व बनने से लोगों को बेघर कर दिया जाएगा,और उनका जमीन छिन लिया जाएगा,वैसे लोगों के खिलाफ अगर शिकायत मिलता है तो वन विभाग के द्वारा उनपर कार्रवाई किया जाएगा। डीएफओ ने बताया कि टाइगर रिजर्व घोषित होने से सरकार को एक बेहतर राजस्व मिलेगा, क्योंकि 2023 से लेकर अबतक कैमूर में वन विभाग के द्वारा करकट गढ़ इको पार्क,करमचट डैम, तेल्हारकुंड, मां मुंडेश्वरी इको पार्क, एवं भभुआ सिटी पार्क से,सरकार को 4 करोड़ 11 लाख 5 हजार 653 रुपए की राजस्व का फायदा हुआ है, अगर कैमूर में टाइगर रिजर्व बनता है तो सरकार को हर महीने इच्छी राजस्व मिलेगा।
