
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में वीआईपी प्रवेश व्यवस्था को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी। मुख्य न्यायाधीश सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि मंदिर में कोई भी व्यक्ति महाकाल के समक्ष वीआईपी नहीं है और न्यायपालिका का मंदिर प्रबंधन में हस्तक्षेप सीमित है। याचिकाकर्ता ने समान प्रवेश नीति की मांग की थी, जिसमें गर्भगृह में प्रवेश के लिए सभी को समान अवसर मिले। कोर्ट ने कहा कि मंदिर के प्रवेश नियमों का निर्धारण मंदिर प्रबंधन और जिम्मेदार प्राधिकरण का अधिकार है, न कि अदालत का। सीजेआई ने याचिकाकर्ता को सलाह दी कि यदि उन्हें कोई समस्या है, तो वे सीधे मंदिर प्रबंधन से संपर्क करें। कोर्ट ने यह भी कहा कि सभी मौलिक अधिकार गर्भगृह के अंदर लागू नहीं होते और अदालत इसका निर्णय नहीं कर सकती।

