पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव से पहले बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी का विवादित बयान सोशल मीडिया और राजनीति में हड़कंप मचा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो बाबर, हुमायूं, जहांगीर, अकबर और शाहजहाँ जैसे मुगल शासकों के नाम मिटा दिए जाएंगे और मुस्लिम नामों को लिखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारी के इस बयान ने विपक्ष और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर

दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे बयान चुनावी माहौल को और भी गर्मा सकते हैं और सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा दे सकते हैं। राजनीतिक दलों ने इसे गलत और संवेदनशील मामला करार दिया है। पश्चिम बंगाल की सत्ता पर नजर रखने वाले विश्लेषकों का कहना है कि चुनावी प्रचार में ऐसे बयान मतदाताओं पर असर डाल सकते हैं। पुलिस या चुनाव आयोग ने फिलहाल इस बयान पर कोई कार्रवाई नहीं की है, लेकिन राजनीतिक हलकों में यह लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।

