कैमूर जिले में बैंककर्मियों की हड़ताल, 5 दिवसीय कार्यदिवस की उठी मांग

पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग हेतु सरकारी बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं,जिससे देशभर में चेक क्लीयरेंस और नकद लेनदेन प्रभावित है। बैंक कर्मचारियों की अचानक हड़ताल आज देश भर में बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। दरअसल यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियन्स ने देश भर में हड़ताल का ऐलान किया है,जहां इस हड़ताल की वजह से आज 27 जनवरी को देशभर के सभी बैंक बंद है,जहां कामकाज नहीं हो रहा है,जिससे आज बैंक पहुंचने वाले लोगों ने नाराजगी जाहिर की है। बैंकिंग हड़ताल की वजह से लोगों का सारा काम ठप पड़ गया है। वही आज कैमूर जिले के भभुआ पंजाब नेशनल बैंक,दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक,स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया सहित सभी ब्रांच पर पहुंचने वाले ग्राहकों ने बताया कि हम लोगों को पता नहीं था कि आज बैंक के कर्मचारी हड़ताल पर है क्योंकि पिछले तीन दिनों से बैंक बंद है तो हम लोगों ने सोचा कि आज मंगलवार है,आज बैंक खुला होगा। जब बैंक पहुंचे हैं तो पता चला है कि यहां कोई काम नहीं हो रहा है इसलिए थोड़ी परेशानी बढ़ गई है। एक भगवानपुर प्रखंड के सरैयां गांव निवासी उर्मिला देवी ने बताया कि घर में शादी लगी हुई है बैंक से पैसे निकालने के लिये आई थी,जो नहीं निकल पाया तो वहीं कुछ ग्राहक ऐसे भी थे जो अपने बैंक पहुंचे थे अपने खाता की केवाईसी करने के लिए लेकिन उनका यह भी कार्य नहीं हो पाया।

हड़ताल से जनता को बहुत दिक्कत हो रही है। बैंक कर्मचारियों की अचानक हड़ताल बैंक यूनियनों के मुताबिक, केंद्र सरकार और इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) से लंबे समय से इस मुद्दे पर कई दौर की चर्चाएं हो चुकी हैं,लेकिन अब तक बैंक कर्मचारियों की मांगों को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं लिया जा सका है। यूनियनों का कहना है कि दूसरे सरकारी विभागों की तरह ही बैंकों में भी वर्क-लाइफ बैलेंस जरूरी है और 5 दिन कार्य सप्ताह सिस्टम लागू किया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर आज कर्मचारी बैंक के हड़ताल पर है। पंजाब नेशनल बैंक के संगठन उपाध्यक्ष विवेक तिवारी ने बताया कि हम लोग 2 साल से सरकार से निवेदन आग्रह करते आ रहे हैं हमारी मांगों को नजरअंदाज कर रही है। इससे पहले 11 सेटलमेंट को भी लगभग मार्च में 2 साल होने जा रहा है लेकिन सरकार के द्वारा कहा गया था लागू कर दिया जाएगा लेकिन अभी तक नहीं किया गया। उन्होंने अभी कहा कि अगर मांगे हमारी पूरा नहीं होती है तो यह धरना आगे अनिश्चितकालीन भी हो सकती है।

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