डोडा में शहीद हुए जवान को अंतिम विदाई के समय एक साल के बेटे ने मुखाग्नि दी, जिससे वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो उठे। यह दृश्य इतना संवेदनशील था कि हापुड़ के डीएम भी अपनी भावनाओं को नहीं रोक पाए और रो पड़े।

शहीद जवान की वीरता और बलिदान को याद करते हुए अधिकारियों और परिवार ने उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी। इस मौके पर सैनिकों, स्थानीय अधिकारियों और नागरिकों की भारी भीड़ मौजूद थी। शहीद के परिजन और साथ आए लोग भावुक दृश्य देखकर अभिभूत हो गए। इस घटना ने न केवल शहीद की बहादुरी को उजागर किया, बल्कि देशभक्ति और परिवार के लिए बलिदान की भावना को भी जीवंत कर दिया।

