सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट में जज के साथ बहस करने वाले वकील महेश तिवारी को कड़ी फटकार लगाई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत ने तिवारी को चेतावनी दी कि अगर वह जजों को आंख दिखाना चाहते हैं, तो दिखाएं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट भी देखेगा कि वह क्या कर सकते हैं। मामला 16 अक्टूबर, 2025 का है, जब तिवारी एक विधवा महिला का केस लड़ रहे थे। सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश कुमार ने उनके काम करने के तरीके पर आपत्ति जताई। तिवारी ने उंगली दिखाकर जवाब दिया और लाइव वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच की मांग की।

इसके बाद हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर वकील माफी मांग लें, तो उनके प्रति सहानुभूति दिखाई जाएगी। CJI ने स्पष्ट किया कि अदालतों का सम्मान आवश्यक है और किसी भी तरह की आपत्ति या व्यवहार स्वीकार्य नहीं होगा।

