जम्मू-कश्मीर में श्री माता वैष्णों देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द होने के बाद शिवसेना के नेता भड़के हैं। उनका कहना है कि उन्होंने चाहा था कि उनके बच्चे डॉक्टर बनें और देश का नाम रोशन करें, लेकिन केंद्र सरकार ने मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द करके छात्रों का भविष्य खतरे में डाल दिया है। शिवसेना नेताओं ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री जिस मेडिकल कॉलेज को देश के लिए तोहफा बता रहे थे, आज उसी तोहफे को

उनसे छीन लिया गया है। उन्होंने केंद्र से कॉलेज की मान्यता को बहाल करने और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। शिवसेना का यह बयान जम्मू-कश्मीर में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र की नीति को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव डालने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। इस मामले में अब आगे की कार्रवाई और सरकारी प्रतिक्रिया पर सभी की निगाहें हैं।

