पाकुड़ में बीएलओ एवं पर्यवेक्षकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

पाकुड़ में बीएलओ एवं पर्यवेक्षकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न


जिले में SIR/PRE-SIR, ब्लैक एंड व्हाइट/धुंधला मतदाता पहचान पत्र तथा मतदान केन्द्रों के रेशनलाइजेशन से संबंधित विषयों पर बी०एल०ओ० एवं बी०एल०ओ० पर्यवेक्षकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। उपायुक्त ने कहा कि निर्वाचन से संबंधित कार्यों में भारत निर्वाचन आयोग अत्यंत सख्ती से अनुपालन की समीक्षा करता है, इसलिए सभी निर्देशों का समयबद्ध पालन अनिवार्य है। जिला प्रशासन द्वारा नियमित रूप से ईवीएम/वीवीपैट वेयरहाउस निरीक्षण, मासिक समीक्षा बैठकें एवं आवश्यक प्रेजेंटेशन आयोग को भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आयोग के समक्ष प्रस्तुतिकरण के दौरान आंकड़ों का सुदृढ़ एवं विश्वसनीय होना अत्यंत आवश्यक है। जिन क्षेत्रों में अब तक मैपिंग पूर्ण नहीं हुई है वहाँ अगले दो तीन दिनों में सत्यापन किया जाएगा। विशेष रूप से ऐसे टोला या क्षेत्र जहाँ बी०एल०ओ० अब तक नहीं पहुँचे हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कवर करने को कहा गया।

उपायुक्त ने बताया कि पाकुड़ नगर क्षेत्र में अभी भी कुछ ऐसे पोलिंग एरिया हैं जहाँ मतदाता वंचित रह गए हैं। समय रहते सुधारात्मक कार्रवाई न होने की स्थिति में संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी करने एवं आवश्यक दस्तावेज़ मंगवाने की कार्रवाई की जाएगी। केवल वास्तविक एवं पात्र मतदाताओं को ही सूची में शामिल किया जाएगा। मृत मतदाताओं के नाम हटाने, स्थानांतरित मतदाताओं की प्रविष्टि सुधारने तथा डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान कर उन्हें सूची से हटाने का कार्य पूरी गंभीरता के साथ किया जाए। अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन ने सभी कर्मियों से योजना बद्ध और सघन प्रयास करने का आह्वान किया और कहा कि मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की आपत्ति या सुनवाई की स्थिति में जिला प्रशासन तथ्यों के साथ सशक्त रूप से अपनी बात रख सके। प्रशिक्षण सत्र में फील्ड स्तर पर आने वाली व्यावहारिक समस्याओं, दस्तावेज़ सत्यापन, ऑनलाइन प्रविष्टि, समयबद्ध कार्य निष्पादन और निर्वाचन आयोग के दिशा- निर्देशों के अनुपालन पर विशेष जोर दिया गया।

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