साल के पहले दिन कल्पतरु दिवस के अवसर पर थानापाड़ा हनुमान मंदिर परिसर में शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के दौरान हजारों लोगों के बीच प्रसाद स्वरूप निःशुल्क भोजन का वितरण किया गया। संस्था के अध्यक्ष रंजीत चौबे ने कहा कि भारतीय संस्कृति के तहत नया साल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाया जाता है, उन्होंने कहा कि हमारी संस्था विगत आठ वर्षों से इस दिन कल्पतरू दिवस पर समाज के हर वर्ग के लोगों के बीच प्रसाद का वितरण करती है। संस्था के सचिव चंदन प्रकाश ने कहा कि बांग्लादेश में घट रही घटनाओं से संस्था के सदस्य काफी दुखी हैं।

उन्होंने कल्पतरु दिवस के अवसर पर युवाओं को अपील किया कि वे छद्म पाश्चात्य संस्कृति को छोड़कर अपनी संस्कृति की ओर लौटें। उन्होंने कहा कि संस्था किसी का विरोध नहीं करती, लेकिन यह भी सत्य है कि जिस देश ने भारत को करीब 200 वर्षों तक गुलाम बनाए रखा, उसी अंग्रेजी नववर्ष को लोग परिवार के साथ जश्न के रूप में मनाते हैं, जबकि समाज में आज भी कई परिवार ऐसे हैं जो भोजन के लिए वंचित रहते हैं।

