
राजस्थान के अग्रिम क्षेत्रों में गोल्डन कतर डिवीजन के सैनिकों ने उच्च स्तरीय ‘एकीकृत फायरिंग और फ्लोटेशन प्रशिक्षण’ लिया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य कोनार्क कोर की परिचालन तत्परता सुनिश्चित करना और रणनीति, तकनीक तथा प्रक्रियाओं का परीक्षण करना था। सैनिकों ने विभिन्न युद्ध स्थितियों में लक्ष्यों को साधने और उन्हें प्रभावी ढंग से निष्पादित करने का अभ्यास किया। इस प्रशिक्षण में सेना के आधुनिक उपकरणों और तकनीकों का उपयोग किया गया, जिससे सैनिकों की तत्परता और संचालन क्षमता बढ़ी। सैन्य अधिकारियों ने बताया कि यह प्रशिक्षण सैनिकों को कठिन और विविध परिस्थितियों में कुशल बनाने के लिए आयोजित किया गया। उन्होंने कहा, “प्रशिक्षण करो, लक्ष्य साधो, विजय पाओ” का मंत्र सैनिकों को हर चुनौती का सामना करने के लिए प्रेरित करता है।

