चुनाव आयोग द्वारा SIR के तहत जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में चेन्नई में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम कटने का मामला सामने आया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पहले जहां चेन्नई में 40.04 लाख मतदाता दर्ज थे, वहीं SIR के बाद यह संख्या घटकर 25.79 लाख रह गई है। यानी ड्राफ्ट लिस्ट से करीब 14.25 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। जिला निर्वाचन आयोग के मुताबिक, नाम हटने के पीछे अलग-अलग कारण बताए गए हैं। सबसे बड़ा कारण मतदाताओं का स्थानांतरण (Shifted) रहा, जिसके चलते करीब 12.22 लाख नाम सूची से हटाए गए। इसके अलावा 1.56 लाख मतदाताओं को

मृत घोषित किए जाने के बाद लिस्ट से बाहर किया गया। आंकड़ों के अनुसार, 27,323 मतदाता दिए गए पते पर नहीं मिले, जबकि दोहरी वोटिंग (Dual Votes) के मामलों में 18,772 नाम हटाए गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

