
झारखंड विधानसभा की प्रत्यायुक्त समिति के सभापति सरयू राय ने पाकुड़ प्रखंड अंतर्गत बरमसिया एवं सोनाजोड़ी क्षेत्र में अवस्थित प्राचीन जीवाश्म स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने क्षेत्र में प्राप्त हो रहे जीवाश्मों की स्थिति, संरक्षण की आवश्यकता तथा भविष्य में संभावित वैज्ञानिक अनुसंधान की संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी ली।सभापति राय ने कहा कि यह क्षेत्र भू-विरासत की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां प्राप्त हो रहे जीवाश्म प्राचीन काल के जीव-जंतुओं एवं प्राकृतिक इतिहास को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन स्थलों का वैज्ञानिक दृष्टिकोण से संरक्षण एवं व्यवस्थित अध्ययन किया जाए, तो राज्य को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकती है।उन्होंने कहा कि जीवाश्म स्थलों के संरक्षण हेतु ठोस नीति एवं विधिक प्रावधान की आवश्यकता है, ताकि इन धरोहरों को सुरक्षित रखते हुए व्यापक अनुसंधान को प्रोत्साहन दिया जा सके। निरीक्षण के क्रम में संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जीवाश्म स्थलों को क्षति से बचाने एवं अवैध उत्खनन या छेड़छाड़ रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।निरीक्षण के अवसर पर जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी एवं प्रशासक, नगर परिषद सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

