रूस ने आर्कटिक क्षेत्र में हाई-रिस्क ऑपरेशन का प्रदर्शन किया। Su-24M बॉम्बर ने Il-78 टैंकर से इन-फ्लाइट रिफ्यूलिंग की। यह अभ्यास पोलर नाइट की चरम परिस्थितियों में किया गया, जिसमें दिन के लंबे अंधकार और कठिन मौसम की चुनौतियां शामिल हैं। इस खतरनाक मैन्युवर ने पायलटों की उच्च कौशल और प्रशिक्षण क्षमता को दर्शाया। रूस के सैन्य अधिकारियों ने बताया कि ऐसे अभ्यास से

आर्कटिक क्षेत्र में रणनीतिक और ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूत किया जा रहा है। यह ऑपरेशन तकनीकी दक्षता और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा स्थितियों में युद्धक तत्परता को बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

