आंध्र प्रदेश के तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) में 10 वर्षों के भीतर 54 करोड़ रुपये के रेशमी शॉल घोटाले का खुलासा हुआ है। आंतरिक सतर्कता जांच में सामने आया कि एक ठेकेदार ने शुद्ध शहतूत रेशम के बजाय 100% पॉलिएस्टर शॉल की आपूर्ति की। ये शॉल दानदाताओं को दिए जाते थे और अनुष्ठानों में उपयोग होते थे। वैज्ञानिक परीक्षणों ने भी पॉलिएस्टर की पुष्टि की। TTD ने सभी टेंडर

रद्द कर ACB जांच की मांग की है। वहीं पूर्व मंत्री बुग्गना राजेंद्रनाथ ने आरोपों को राजनीति बताया। लगातार सामने आ रहे घोटालों ने TTD की खरीद प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

