नई दिल्ली में आयोजित भारतीय सेना के तीसरे सेमिनार, चाणक्य रक्षा संवाद-2025, के उद्घाटन सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भाग लिया। राष्ट्रपति ने कहा कि वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है, जिसमें सत्ता केंद्रों के टकराव, तकनीकी व्यवधान और बदलते गठबंधन अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के पुनर्निर्माण का कारण बन रहे हैं।

उन्होंने कहा कि परिवर्तन के इस दशक में भारतीय सेना केवल मात्रा में नहीं बल्कि रणनीतिक परिणामों के माध्यम से खुद को अनुकूल बना रही है। राष्ट्रपति ने भारतीय सशस्त्र बलों की दक्षता और भविष्य की चुनौतियों से निपटने की क्षमता की सराहना की और सेना के महत्व पर जोर दिया।

