नई दिल्ली में आयोजित चाणक्य रक्षा संवाद-2025 को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारतीय सशस्त्र बलों की प्रतिबद्धता और अदम्य साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश की सेनाओं ने हर सुरक्षा चुनौती के दौरान अद्भुत अनुकूलनशीलता, आधुनिक युद्ध कौशल और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया है।

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर का विशेष उल्लेख किया और कहा कि इसकी सफलता भारत की आतंकरोधी क्षमता और निवारक रणनीति का निर्णायक क्षण साबित हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत के सशस्त्र बल भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं और राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी।

