नई दिल्ली से बड़ी खबर—प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से अपील की है कि हम सामूहिक रूप से उस औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त होने का संकल्प लें, जो उनके अनुसार गुलामी की मानसिकता के अलावा और कुछ नहीं थी। पीएम मोदी ने कहा कि यह मानसिकता हमें हमारी स्वतंत्र सोच और निर्णय लेने की क्षमता से दूर करती है।

उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि हम अपने विचारों और कार्यों में आज़ादी और आत्मनिर्भरता को अपनाएँ। प्रधानमंत्री का यह संदेश देशवासियों के लिए एक प्रेरक आह्वान है, ताकि हर भारतीय अपने मानसिक और सामाजिक दृष्टिकोण में स्वतंत्रता को पूरी तरह आत्मसात कर सके।

