
लाल किला विस्फोट को लेकर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के बयान ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। मुफ्ती ने कहा कि देश की राजधानी में हुए विस्फोट में कश्मीर की असुरक्षा और केंद्र सरकार की नीतियों की विफलता झलकती है। उनका आरोप था कि केंद्र ने जम्मू-कश्मीर को सुरक्षित बनाने का वादा पूरा नहीं किया और विभाजनकारी राजनीति राष्ट्रीय सुरक्षा पर हावी हो गई। महबूबा ने चेतावनी दी कि कश्मीर के युवाओं पर जहरीला माहौल खतरनाक प्रभाव डाल रहा है। उन्होंने कहा, “देश में सुरक्षा नहीं है, और हिंदू-मुस्लिम की राजनीति से वोट तो मिल सकते हैं, लेकिन देश की दिशा पर असर पड़ रहा है।” भाजपा ने मुफ्ती के बयान की कड़ी निंदा की। पार्टी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि मुफ्ती आतंकवादियों को सही ठहरा रही हैं। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि क्यों वह आतंकवादियों का समर्थन करने से पीछे हटता नहीं।

