लगातार एक साल से ग्रीन जोन में बनी बनारस की हवा अब फिर से खराब होने लगी है। अक्टूबर में हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश के बाद शहर की वायु गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई है। शरद ऋतु के आगमन के साथ बढ़ती शुष्कता और धूलकणों के कारण हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 प्रदूषकों की मात्रा बढ़ रही है। वर्तमान में शहर का AQI औसत जोन में पहुंच

गया है, जिससे सांस और फेफड़ों के रोगियों के लिए खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर स्थिति ऐसी ही बनी रही तो दिवाली के दौरान पटाखों के धुएं और वाहनों के धुएं से वायु प्रदूषण और भी बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और अनावश्यक प्रदूषण फैलाने से बचने की अपील की है।

