
AIMIM प्रमुख ओवैसी का कहना है कि प्रधानमंत्री #मोदी इतिहास को फिर से लिख रहे हैं। #RSS ने संविधान का विरोध किया, तिरंगे को नकारा और कभी स्वतंत्रता संग्राम में शामिल नहीं हुआ। गोलवलकर के ‘बंच ऑफ थॉट्स’ में मुसलमानों, ईसाइयों और वामपंथियों को ‘आंतरिक ख़तरा’ बताया गया है। यही वह विचारधारा है जिसकी प्रधानमंत्री देशभक्ति के रूप में प्रशंसा करते हैं।

