पाकुड़: रेलवे मेंस यूनियन शाखा ने क्रू लॉबी में विक्षोभ कार्यक्रम रखा 

पाकुड़: रेलवे मेंस यूनियन शाखा ने क्रू लॉबी में विक्षोभ कार्यक्रम रखा 


रेलवे मेंस यूनियन शाखा द्वारा पाकुड़ क्रु लॉबी में एक विक्षोभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम के दौरान रनिंग स्टाफ के द्वारा रेल प्रशासन के विरोध में नारा बुलंद किया गया । यह विक्षोभ प्रदर्शन विशेष रूप से सहायक यांत्रिक अभियंता, रामपुरहाट द्वारा चार्ज सीट देने, रनिंग स्टाफ को सस्पेंड करने एवं 9 घंटा से ज्यादा काम करने के लिए मजबूर करने के विरोध में आवाज बुलंद किया गया। ज्ञात हो कि कई वर्षों से रनिंग स्टाफ के लिए पाकुड़ में रेलवे क्वार्टर की सुविधा नहीं है एवं पाकुड़ में स्वीकृत पद से काफी कम संख्या में लोको पायलट एवं सहायक लोको पायलट पद स्थापित हैं जिसके कारण कार्य का बोझ बाकी कर्मचारियों पर ज्यादा पड़ रहा है। रेलवे की सुरक्षा भी बाधित हो रही है एवं वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता एवं वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक के द्वारा प्रतिदिन नए नए सर्कुलर जारी कर नए-नए आदेश जारी कर परिचालन एवं लोको विभाग के कर्मचारियों का मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है जिससे कर्मचारी काफी भयभीत हैं और कार्य के दौरान उन्हें हर समय एक बात का दबाव बना रहता है कि कब उन्हें सस्पेंड कर दिया जाएगा, कब उन्हें चार्ज सीट दिया जाएगा ।इन सभी बातों को लेकर पाकुड़ में कार्यरत सहायक लोको पायलट, लोको पायलट सभी काफी रोष में दिखे ।ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन पाकुड़ शाखा के शाखा सचिव संजय कुमार ओझा ने बताया कि विगत दो वर्षों से रिक्त पदों को नहीं भरने के कारण कर्मचारियों पर कार्य का अत्यधिक दबाव हो रहा है एवं रेल कर्मचारियों के लिए सुविधाओं की काफी कमी है।

सरकार द्वारा जारी किए गए बोनस की राशि से आम कर्मचारी काफी हतोत्साहित हैं रेलवे में जबकि सातवें वेतन आयोग के अनुसार न्यूनतम वेतन 18000 रुपए मासिक है जिसके आधार पर बोनस की राशि को तय करना चाहिए लेकिन रेलवे द्वारा आज भी छठे वेतन आयोग के न्यूनतम बेसिक वेतन 7000 के आधार पर बोनस की राशि तय की जाती है जो की काफी कम है और पूरे समाज में एवं पूरे देश में यह शोर मचाया जाता है कि रेलवे कर्मचारियों को ढाई माह का वेतन दिया जा रहा है जबकि इस राशि को अगर एक आम नागरिक सुन ले तो वह शर्म से शर्मसार हो जाए । यह जानना आवश्यक है की पूजा के मौसम पर रेलवे कर्मचारियों को मिलने वाली बोनस की अधिकतम राशि मात्र 17951 रुपए है,जबकि केंद्र सरकार द्वारा ऐसी घोषणा की जाती है की रेलवे कर्मचारियों को ढाई माह का वेतन दिया जा रहा है जो कि सरासर गलत है।रेलवे द्वारा सेवानिवृत्त रेल कर्मियों को पुनः बहाल करने का विरोध भी काफी जोर-शोर से किया जा रहा है । ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन द्वारा पूरे ईस्टर्न रेलवे में किसी भी प्रकार के ऐसे कर्मचारियों को बहाल करने के विरोध में आवाज उठाई जा रही है जो सेवानिवृत हो बल्कि ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन यह मांग करती है की नए शिक्षित युवकों को रेल खाली पदों पर नियुक्त कर उन्हें रोजगार का अवसर प्रदान करें। इस अवसर पर ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन पाकुड़ शाखा के शाखा अध्यक्ष अखिलेश कुमार चौबे सहित शाखा के कार्य समिति सदस्य बिहारी कुमार,प्रीतम कुमार मंडल निलेश प्रकाश, अमर कुमार मल्होत्रा, गौतम कुमार पांडे ,निरंजन कुमार,रामकुमार यादव, अरुण कुमार सहित अनेक लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, गुड्स ट्रेन मैनेजर तथा विभाग के अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।

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