वैज्ञानिकों ने अंटार्कटिका की मोटी बर्फ की चादर के नीचे 85 नई झीलों की खोज की है, जो पहले किसी को पता नहीं थीं। यह राज दस साल के सैटेलाइट डेटा से सामने आया। इन झीलों को ‘सक्रिय’ कहा जाता है क्योंकि ये समय-समय पर खाली हो जाती हैं और फिर भर जाती हैं। इसके कारण झीलों का

आकार और शेप महीनों या वर्षों में बदलता रहता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस गतिविधि से ग्लेशियरों की स्थिरता प्रभावित होती है और बर्फ का घिसाव रुक-रुक कर होता है, जिससे वैश्विक समुद्र स्तर पर असर पड़ सकता है।

