श्रीलंका का सार्क सांस्कृतिक केंद्र 30 सितंबर से 2 अक्टूबर तक वार्षिक सार्क विरासत मंच का आयोजन करेगा। यह पहल क्षेत्र में सांस्कृतिक विरासत और सहयोग को संस्थागत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सार्क विरासत मंच की स्थापना सितंबर 2014 में नई दिल्ली और अक्टूबर 2014 में काठमांडू में आयोजित सार्क शिखर बैठक के निर्देशों के आधार पर की गई थी। मंच का उद्देश्य दक्षिण एशिया में सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाना और धार्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण और प्रचार-प्रसार को प्रोत्साहित करना है।

यह मंच बौद्ध स्तूप, हिंदू तीर्थस्थल, मुगल उद्यान और अन्य सांस्कृतिक स्थलों को साझा क्षेत्रीय विरासत के रूप में मान्यता देगा। इसके अलावा, यह अंतर-सांस्कृतिक समझ और धार्मिक तीर्थयात्राओं को बढ़ावा देने की दिशा में काम करेगा। मुख्य उद्देश्य में वार्षिक संरचना तय करना, विरासत सूची जारी करना और साझा सांस्कृतिक संपत्तियों तक पहुंच के लिए ढांचा विकसित करना शामिल है।

