क़तर की राजधानी दोहा में अरब और इस्लामिक देशों की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्रीय मुद्दों और हाल ही में इज़राइल द्वारा किए गए हमलों पर चर्चा की गई। बैठक में शामिल देशों ने इज़राइल की कार्रवाई को कड़ी निंदा की और इसे क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया। क़तर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी ने इसे “बरबरी हमला” करार देते हुए अरब और इस्लामिक देशों से एकजुट होकर अंतरराष्ट्रीय

मंचों पर आवाज उठाने की अपील की। बैठक में यह भी तय किया गया कि इज़राइल की इस तरह की कार्रवाइयाँ मध्य-पूर्व में सामान्यीकरण और शांति प्रयासों को बाधित कर सकती हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने भी बैठक में भाग लेकर इज़राइल की निंदा की और क्षेत्रीय एकता की आवश्यकता पर जोर दिया। यह बैठक कूटनीतिक और राजनीतिक मोर्चे पर इज़राइल के खिलाफ अरब-इस्लामी देशों की मजबूत प्रतिक्रिया को दर्शाती है।

