इस महोत्सव का आयोजन प्रतिष्ठित कलाकार अमरीश तिवारी द्वारा किया गया, जिन्होंने कला, संस्कृति और परंपरा को जोड़ते हुए इसे एक यादगार कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत किया। इस महोत्सव का उद्घाटन माननीय मंत्री श्री संतोष सिंह द्वारा विधिवत रूप से किया गया। समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में विधायक भारत बिन्द, पूर्व जिला अध्यक्ष जीतेन्द्र पाण्डेय, तथा नगर सभापति विकास तिवारी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने कला को समाज की चेतना का आधार बताते हुए, कलाकारों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में चित्रकला, मूर्तिकला, लोककला,आधुनिक अभिव्यक्तियों तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की प्रदर्शनी लगाई गई है। उपस्थित दर्शकों ने विविध कला रूपों का आनंद लिया तथा कलाकारों से संवाद कर उनके कार्य की सराहना की, तथा मंत्री में बाहर से आए कलाकारों को अंग बस्त्र व मोमेंटो से सम्मानित किए और सबको अस्वस्थ किया की मुंडेस्वरी में बंद पड़ी मियूजिम को खुलावाने की बात सदन तक पहुंचाऊंगा,और प्रयास में सफल होगा मैं बिस्वास दिलाता हुँ। कार्यक्रम में कैटलॉग का सफल बिमोचन किया गया अमरीश तिवारी ने कहा, “माँ मुंडेश्वरी की प्रेरणा से कला को जन-जन तक पहुँचाना ही हमारा उद्देश्य है। यह महोत्सव स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने के साथ-साथ हमारी संस्कृति को समृद्ध करने का प्रयास है।” कार्यक्रम में अमरीश ने मुंडेस्वरी धाम में बंद पड़ी

मियूजियम को खुलवाने की बात मंत्री के समछ बेबाकी से रखा, कार्यक्रम में कला प्रेमियों, छात्र-छात्राओं, शोधकर्ताओं तथा समाज के विभिन्न वर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। समापन पर सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा तथा भविष्य में ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया गया। कल कक्षा छः से नौ तक के बच्चो के बिच चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा जिसमे इच्छुक छात्र छात्रा भाग ले सकते है कार्यक्रम को सफल बनाने व उसकी भभ्यता में आर्थिक सहयोग में मानव भारती हेरिटेज चाँद, संत लौरेंटज इंगिलश स्कूल भभुआ, चिंल्ड्रेन अकादमी केयर जोन भभुआ , एम एस आई टी भभुआ, आर के इंग्लिश स्कूल भभुआ व बाबा महाकालेश्वर ज्योतिष अनुसन्धान, भभुआ का विशेष योगदान रहा,मंच का सफल संचालन आनंद पाण्डेय ने किया तथा मौक़े पर चन्दन तिवारी, दिलीप तिवारी, अलोक श्रीवास्तव, मुकेश पाल, अनीश, अमित, अभय चौबे, सोनू मिश्रा एवं ऋषभ तिवारी मौजूद रहे।

