मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मुंबई में चल रहे आंदोलन के बीच बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्त कार्रवाई की। कोर्ट ने आंदोलन के नेता मनोज जरांगे को स्पष्ट हिदायत दी कि बिना प्रशासन की अनुमति के सार्वजनिक स्थानों पर अनिश्चितकालीन धरना या प्रदर्शन नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने गणेशोत्सव के दौरान शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात व्यवधान रोकने पर जोर दिया। कोर्ट ने आंदोलन के प्रभाव की पड़ताल करते हुए पूछा कि

स्कूल और कॉलेज कैसे प्रभावित हो रहे हैं। सरकार ने बताया कि कल से स्कूल खुलेंगे और एक दिव्यांग नागरिक पांच घंटे ट्रैफिक में फंसा रहा। वकील गुणरत्न सदावर्ते ने राजनीतिक हस्तक्षेप और आरक्षण कोटे के मुद्दे उठाए। कोर्ट ने कहा कि सरकार की ओर से दिए गए आदेशों का पालन करना आवश्यक है, प्रदर्शन में 5000 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकते। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मुंबईवासियों की परेशानी को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

