शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्लेनरी सेशन को संबोधित किया और भारत का सख्त व स्पष्ट रुख सामने रखा। पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए साझा चुनौती है और इस पर किसी भी तरह का दोहरा मापदंड स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने पहलगाम हमले का ज़िक्र करते हुए कहा कि भारत दशकों से आतंकवाद का दंश झेल रहा है और अब समय आ गया है कि सभी देश मिलकर हर रूप और रंग के आतंकवाद का विरोध करें। SCO को लेकर पीएम मोदी ने भारत की सोच बताई—S का मतलब Security, C का मतलब Connectivity और O का मतलब Opportunity। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर ही SCO को मज़बूती देंगे। कनेक्टिविटी के मुद्दे पर मोदी ने साफ किया कि संप्रभुता को दरकिनार करने वाली कनेक्टिविटी भरोसा खो देती है। भारत चाबहार पोर्ट और इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है ताकि अफगानिस्तान और मध्य एशिया से जुड़ाव बेहतर हो सके।

पीएम मोदी ने SCO देशों को भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने का न्योता दिया और कहा कि भारत Reform, Perform and Transform के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने Civilisation Dialogue Forum बनाने का प्रस्ताव भी रखा जिससे प्राचीन सभ्यताओं और संस्कृतियों को साझा करने का अवसर मिलेगा। आज पीएम मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अहम मुलाकात होने जा रही है। दोनों नेताओं के बीच 45 मिनट की द्विपक्षीय बातचीत तय है, जिसमें कारोबार, द्विपक्षीय संबंध, यूक्रेन युद्ध और अमेरिकी टैरिफ जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। दुनिया की निगाहें इस बैठक पर टिकी हैं, क्योंकि पीएम मोदी रूस-यूक्रेन युद्ध का कूटनीतिक समाधान निकालने की अपील कर सकते हैं।

