
तिब्बत से इस वक्त बड़ी खबर आ रही है। यहाँ रिक्टर स्केल पर 3.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया है। भूकंप का केंद्र धरती की सतह से करीब 10 किलोमीटर गहराई में था। हालांकि इस ताजा भूकंप से किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन तिब्बत को भूकंपीय गतिविधियों का बेहद संवेदनशील इलाका माना जाता है। दरअसल तिब्बत का पठार भारतीय और यूरेशियाई प्लेट्स के टकराने से बना है, इसलिए यहां लगातार झटके महसूस होते रहते हैं। साल की शुरुआत में यानी 7 जनवरी 2025 को तिब्बत के डिंगरी काउंटी में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें कम से कम 126 लोगों की मौत हो गई थी और हजारों लोग बेघर हो गए थे। इतिहास गवाह है कि तिब्बत ने कई भीषण भूकंप झेले हैं। 1950 का असम-तिब्बत भूकंप 8.6 तीव्रता का था, जिसने तबाही मचा दी थी। तिब्बत की धरती पर आए ये झटके एक बार फिर भूकंप के खतरे की याद दिलाते हैं।

