गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के IATA कोड ‘GAY’ को लेकर भाजपा सांसद भीम सिंह ने राज्यसभा में चिंता जताई। उनका कहना है कि यह कोड सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से अपमानजनक और असहज माना जा सकता है, इसलिए इसे बदला जाना चाहिए। इसके जवाब में नागर विमानन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने स्पष्ट किया कि IATA कोड स्थायी होते हैं, और इन्हें केवल असाधारण परिस्थितियों, विशेषकर हवाई सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के तहत ही बदला जा सकता है।

मंत्री ने बताया कि गया कोड को लेकर पूर्व में भी एयर इंडिया ने बदलाव की मांग की थी, लेकिन IATA नियमों के अनुसार ऐसा संभव नहीं हो पाया। कोड आमतौर पर स्थान के नाम के पहले तीन अक्षरों से बनते हैं, और ‘GAY’ गया शहर का संक्षेप ही है। अब देखना होगा कि सरकार और IATA इस संवेदनशील मुद्दे पर आगे क्या रुख अपनाते हैं।

