
उत्तराखंड के धराली में तबाही के बाद अब जिंदगी की तलाश जारी है. रेस्क्यू ऑपरेशन में सात टीमें युद्ध स्तर पर जुटी हैं. सेना के 225 से ज्यादा जवान मौके पर हर मोर्चे पर डटे हैं. हादसे में अबतक 5 लोगों की मौत हुई है जबकि 11 जवान समेत 70 लोग लापता हैं. अभी तक 190 लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया है. रास्ते बंद हो जाने से हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू ही एक मात्र सहारा था BRO & GREF की टीमें रास्ते खोलने के लिए लगातार संघर्ष करती रहीं. हेलिकॉप्टर से ही घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा था. हालांकि भटवारी में बह गया राजमार्ग अब खुल गया है, जिससे धराली जाने वाला सड़क मार्ग खुल गया है. भटवारी में पहली दरार को ठीक करने में बड़ी सफलता मिली है. बता दें कि जब तक ये रास्ता नहीं खुलता, तब तक गंगवानी में बह गए पुल को रिस्टोर करने की शुरुआत नहीं हो सकती थी इसलिए सारा दारोमदार हवाई सेवाओं पर ही रहा. छोटे-छोटे हेलीकॉप्टर के ज़रिए राहत बचाव कर्मियों को भेजा जाता रहा. धीरे-धीरे करके बचाए गए लोगों को हवाई मार्ग से नीचे लाया गया. राहत बचाव कर्मियों की संख्या धराली और हर्षिल में बढ़ी तो थी लेकिन संसाधन सीमित होने के चलते रेस्क्यू मिशन रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा था. वहीं, कम्युनिकेशन और बिजली अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है.

