नीति आयोग के निर्देश पर वोकल फॉर लोकल पहल के तहत लोकल प्रोडक्ट को चिन्हित कर उनकी ब्रांडिंग करने हेतु दो दिवसीय आकांक्षा हाट कार्यक्रम की शुरुआत हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ उप विकास आयुक्त महेश कुमार संथालिया, परियोजना निदेशक, आईटीडीए अरूण कुमार एक्का, अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन, अनुमंडल पदाधिकारी साईमन मरांडी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी प्रीतिलता मुर्मू, जिला योजना पदाधिकारी त्रिभुवन कुमार सिंह, जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक कुमार भगत, जिला शिक्षा अधीक्षक अनीता पुरती, सांसद प्रतिनिधि श्याम यादव, पाकुड़ विधायक प्रतिनिधि गोकुल अहमद समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित एवं फीता काटकर किया। उप विकास आयुक्त ने कहा कि ‘आकांक्षा हाट’ के आयोजन का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों, किसानों और विभिन्न उद्यमियों को उनके उत्पादों और सेवाओं को बेचने के लिए विपणन अवसर प्रदान करके उन्हें प्रोत्साहित करना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में इस हाट में आकर स्थानीय उद्यमियों और कारीगरों के उत्पादों को खरीदकर उनका समर्थन करें।

जिला परिषद उपाध्यक्ष ने जिला प्रशासन द्वारा जिले में किए जा रहे कार्यों की सराहना किया। सांसद प्रतिनिधि ने जिला प्रशासन पाकुड़ द्वारा आयोजित ‘आकांक्षा हाट’ की पहल का स्वागत किया। इसमें स्थानीय स्वयं सहायता समूहों, हस्तशिल्पियों, कृषि आधारित उत्पादकों एवं स्टार्टअप्स द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहाँ उनके उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया गया। आकांक्षा हाट में कृषि, सहकारिता, पशुपालन, शिक्षा विभाग, मत्स्य, स्वास्थ्य, समाज कल्याण एवं जेएसएलपीएस आदि विभागों के स्टाल लगाए गए थें। सभी स्टॉलों का निरीक्षण उप विकास आयुक्त महेश कुमार संथालिया, परियोजना निदेशक, आईटीडीए अरूण कुमार एक्का समेत उपस्थित जिले के पदाधिकारियों एवं सम्मानित जनप्रतिनिधियों के साथ किया गया। उप विकास आयुक्त ने स्टॉल में प्रदर्शित किए गए सामान को देखा और स्थानीय उत्पादों की तारीफ की। बताया कि स्थानीय उत्पादों का अपनाने से न सिर्फ रोजगार सृजित होते हैं बल्कि आपकी जरूरतें भी आपकी पंसद के हिसाब से पूरी की जातीं हैं। कई बार उत्पादों में बदलाव भी संभव हो पाता है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि लोग यहां आएं और स्थानीय उत्पादों को खरीद कर आगे बढ़ाएं।आकांक्षा हाट जैसे आयोजनों का मुख्य उद्देश्य वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देना तथा जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।

